अब तक भाजपा के चाणक्य अमित शाह को लोग जानें. लेकिन कांग्रेस में भी एक चाणक्य को नाम समाचारन की सुर्ख़ियों से छंटकर आयो है.  वा नाम है अशोक गहलोत को, जाको दंड को गुजरात चुनावन में कांग्रेस ने सहारो लै रखो है. आगे नार्मल भासा में बोलून्गों  –

गहलोत इन दिनों गुजरात चुनाव की पूरी जिम्मेदारी लिए हुए हैं. अब इस चाणक्य को लेकर सवाल ये है कि आखिर अपने राज्य में विफल राजनेता दूसरे राज्य के चुनाव में कांग्रेस के चाणक्य कैसे हो सकते हैं? राजस्थान में यही चाणक्य 2013 के चुनावों में अपने काम से लोगों को प्रभावित करने में फुस्स रहे और पार्टी को विपक्ष में बैठने लायक सीटें भी नहीं जिता पाये. इस आधार पर अगर हम उन्हें एक विफल राजनेता कहें तो गलत नहीं होगा. चाणक्य ‘गहलोत’ के राजस्थान में मुख्यमंत्री रहते हुए घोटालों की एक लम्बी फेरहिस्त है जिसके बारे में भी जान लेना चाहिये.

#1. 

हाल ही में पैराडाइस पेपर लीक हुए जिसमें अशोक गहलोत का नाम भी सामने आया. हालाँकि ये  नाम मीडिया की सुर्खियाँ  नहीं बन पाया जैसे बीजेपी के मंत्री जयंत सिन्हा, अमिताभ, माल्या का नाम सुर्खिया बना. पैराडाइस पेपर लीक में अशोक गहलोत का नाम भी प्रमुख तौर से आया. गहलोत का मॉरीशस में रजिस्टर्ड ग्लोबल मेडिकल रिस्पांस ऑफ़ इंडिया लिमिटेड नाम की कम्पनी से सम्बन्ध होने की बात सामने आयी. यह कम्पनी जिकित्ज़ा हेल्थ केयर लिमिटेड में निवेश करती है. आपको बता दें ये वही कम्पनी है, जिसे गहलोत जी ने एम्बुलेंस सेवा का टेंडर दिया था और जिसकी फिलहाल सीबीआई जाँच चल रही है.

#2.

घोटालों में अगर सबसे बड़े घोटाले की की बात करें तो जीजा जी(रॉबर्ट वाड्रा) को गलत तरीके से जमीन आवंटन घोटाला मुख्य है. गहलोत जी की सरकार ने बीकानेर के कोलायत में 275 बीघा जमीन किसानों से अधिग्रहित करके वाड्रा की कम्पनी को बेच दी थी. भाजपा के सरकार में आते ही इसकी जाँच शुरू हुई 18 FIR इस मामले में दर्ज हुई हैं. बाद में जाँच को सीबीआई को सौंप दिया जो फिलहाल जारी है.

#3.

राजस्थान में एम्बुलेंस घोटाला चर्चित रहा है जिसमें अशोक गहलोत का नाम सीधे तौर पर आया है. जयपुर के पूर्व मेयर पंकज जोशी की ओर से पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए 2.56 करोड़ रुपये के 108 एंबुलेंस सर्विस घोटाले में पेश किए परिवाद की जांच के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, जिकित्ज़ा हैल्थ केयर के कर्ताधर्ता सचिन पायलट (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष) राजस्थान के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एमामुद्दीन खान समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. हाल में पैराडाइस पेपर लीक में अशोक गहलोत के एक कम्पनी से सम्बन्ध पाये गए. जिसने जिकित्ज़ा हैल्थ केयर में निवेश किया हुआ है.

#4.

अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत से सम्बन्धित कम्पनी ओम मेटल्स को कालीसिंध नदी पर बांध बनाने के लिए गहलोत सरकार ने 457 करोड़ रुपये का कॉट्रेक्ट दिया था. वैभव गहलोत, जो कंपनी में कानूनी परामर्शदाता के रूप में काम कर रहे थे, ने अपने प्रभाव से कंपनी को नियमों का उल्लंघन करते हुए ठेका दिलवाने में मदद की.

#5.

वैभव को लेकर और भी खुलासे हुए है. जिनमें दिल्ली रोड स्थित कूकस में एक पांच सितारा होटल के लिए, गलत तरीके से जमींन मुहैया कराने का मामला भी है. एक और कंपनी ट्रेंटन होटल्स के क़ानूनी सलाहकार होने के नाते वैभव के प्रभाव से कूकस में 10000 वर्ग मीटर जमीन गलत तरीके से उपलब्ध करवायी गयी. जहाँ एक पांच सितारा होटल बनाया गया है. इस होटल में वैभव की भी हिस्सेदारी बताई जाती है. ED की रिपोर्ट के अनुसार वैभव कंपनी ट्रेंटन होटल्स एक फर्जी फर्म शिवनार होल्डिंग के लिए 39,000 रुपये के शेयरों की कीमत 10 रुपये में बदलने के मामले में शामिल है.

गहलोत अभी गुजरात में पार्टी के बड़े नेता हार्दिक पटेल का CD कांड सुलझा रहे हैं और सहयोगियों को इस मासले पर क़ानूनी तर्क भी सिखा रहे है. क्यूंकि ये गहलोत के रूचि या ये कहें अनुभव वाला मामला है. उन्होंने पूरा CD युग देखा है CD की एक पूरी श्रृंखला आई थी उनके नेताओं की. गहलोत जी के चहेते नेताओं की सेक्स लीला और रेप कांड सबको पता है. कांग्रेस पार्टी में उनकी छवि एक निर्विवाद और स्वच्छ छवि के नेता की है. लेकिन यही छवि जनता में नहीं बना पाये. उनके दामन पर घोटालों, स्कैम और अपने नेताओं के स्कैंडल्स के दाग अच्छे हैं.


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