मुम्बई का एक पॉश इलाका लोअर परेल, जहाँ टाइम्स नेटवर्क यानि टाइम्स नाउ, मिरर नाउ, ईटी नाउ और ज़ूम के ऑफिस बने हुए हैं, एक बिल्डिंग ‘कमला मिल्स पब’ में भीषण आग लग गयी। 14 लोगों की मृत्यु और 50 से ज्यादा लोगों के घायल हो गए….हादसा कितना भीषण था इसका अंदाजा आप मृतकों और घायलों की संख्या से लगा सकते हैं। जैसा कि अक्सर देखा जाता है कि कोई दुर्घटना होने पर सरकार आनन-फानन में, जनता की नजरों में छवि चमकाने के लिए कुछ अधिकारियों को निलम्बित कर दिया जाता है, यहाँ भी हुआ….

 

बीएमसी ने भी खुद का पल्ला झाड़ते हुए जाँच के आदेश दे दिए। और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने की बात भी कह दी।

खैर राजनेताओं का रवैया तो हम सभी को पता है, परन्तु यहाँ सबसे बड़ा प्रश्न-चिन्ह लगा है मीडिया पर। मैं बात कर रहा हूँ मिरर नाऊ की, जिस पर एक डिबेट शो (The Urban debate), जिसे Faye D’souza होस्ट करती हैैं, काफी चर्चित शो है, जिसमें वे शहरी क्षेत्रों से मुद्दे उठाये जाते हैं, शायद फायर सेफ्टी का मुद्दा भी उठाया होगा. लेकिन क्या पता आग घर के बगल में लग जाएगी. –
  1. पहली बात ये कि यह पब, जिसमें आग लगी, टाइम्स नेटवर्क के मुंबई ऑफिस बिल्कुल पड़ोस में ही है। टाइम्स नेटवर्क के मिरर नाऊ, ज़ूम टीवी के सञ्चालन समेत टाइम्स नाऊ, मिरर नाऊ, ज़ूम टीवी, ईटी नाऊ की अपलिंकिंग भी यहीं से होती है। टाइम्स नाऊ का ऑपरेटिंग स्टाफ खैर अब नॉएडा चला गया है। मराठी चैनल टीवी नाइन भी यहीं से चलता है। कमला मिल्स के हादसे के कारण इन चैनलों का प्रसारण रुक गया था।
  2. दूसरी बात यह कि उन रेस्तरां में अग्निशमन यानी आग बुझाने का कोई भी प्रबन्ध नहीं था। फायर सेफ्टी को तक पर रखा दिया गया था।
  3. तीसरी और सबसे मुख्य बात, कमला मिल परिसर जैसे छोटी सी जगह में 96 रेस्तरां अग्निशमन व्यवस्था किये बिना ही चल रहे हैं, और किसी का भी फायर ऑडिट नहीं किया गया है।
  4. रेस्तरां मालिकों ने बाँस का एक ढांचा बना रखा था जिसमें आग लगने की आशंका थी।
  5. इन सब कमियों के बावजूद बीएमसी ने सारे क्लीयरेंस दे दिए।
  6. …और अर्नब गोस्वामी एक जमाने जिन छतरियों के बगल में फोटो खिंचाये थे, अब वो छतरियां जल गयीं हैं।

फोटो- आऊटलुक



इतनी वीभत्स घटना और वो भी पड़ोस में। लेकिन टाइम्स नेटवर्क के ऑफिस अगले दिन तो दोपहर 1 बजे के आसपास खुले। ये तो कुछ वैसा ही हो गया जैसे- “दिया तले अंधेरा”! Mirror now (The Urban debate) दुनिया भर के मुद्दों पर अच्छा काम करके उन्हें कार्यवाहियों के मुकाम तक पहुँचाता रहा है, लेकिन मियाँ अपने मोहल्ले का हाल बयाँ न कर पाए। पत्रकारिता सदैव सचेत और जागरूक रहने का नाम है, आप जितना स्वयं के आसपास होने वाली घटनाओं के प्रति सजग रहेंगे, आप उतने ही मंझे हुए पत्रकार हैं। खैर अब तो ऑफिस खुल गए, काम भी शुरू हो गया, मिरर नाऊ अब संभाल लेगा।

कुछ समय पहले आया आरजे मलिश्का का गाना – मुम्बई तुला बीएमसी वर भरोसा नाही का…. लेकिन जब मुम्बई इससे आगे The Urban debate पर ट्रेंडिंग होने लगी और हादसे को न रोक पाई तो जागता भरोसा, अब भरोसे करने लायक नहीं रहा…और हम मीडिया सेे उम्मीद भी यही रखते हैं कि मीडिया अपने आसपास की घटनााओं के प्रति भी उतनी ही सवेंंदनशील रहे, जितना बाहरी घटनाओं को लेकर रहती हैै!

आखिर में हम आपको एक प्रश्न के साथ छोड़े जाते हैं “क्या Urban debate अपने मकसद में कामयाब रही?”


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