पाकिस्तान ने The Quint(न्यूज वेबसाइट) की पीठ थपथपाई है, थपथपाने लायक काम ही किया है इन्होंने। अरे भई जिस भारतीय नागरिक को भारत सरकार पाकिस्तान की कैद से छुड़ाने की जद्दोजहद में पिछले काफी समय से लगी है, उसे जासूस करार दिया है क्विंट ने। भारत आजाद है, यहाँ के लोग बहुत आजाद हैं और मीडिया, मीडिया तो साहब इस कदर आजाद है कि इसे राष्ट्रहित से भी परहेज हो जाता है। अगर इस आजादी पर हम जैसे नासमझ लोग सवाल उठा दें तो इनकी पत्रकारिता और अभिव्यक्ति की आजादी खतरे में आ जाती है।
हालाँकि ये पहला मौका नहीं है, पिछले साल भी क्विंट ने भारतीय सेना के खिलाफ जहर उगला, जिसका परिणाम सेना के एक जवान की मौत थी। क्विंट की चहेती रहीं बरखा दत्त के पाकिस्तानी सम्बन्धों को कौन नहीं जानता। इस तरह कई किस्से हैं जो क्विंट का पाकिस्तान प्रेम जाहिर करते हैं।
भारत की एक न्यूज वेबसाइट, क्विंट को अपने एक लेख को वापस लेना पड़ा। यह लेख, पाकिस्तान की जेल में बंधक भारतीय कुलभूषण जाधव के बारे में था। इस लेख में क्विंट ने पुष्टि की थी कि कुलभूषण भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के जासूस थे। शुक्रवार को प्रकाशित लेख में क्विंट के शब्द इस प्रकार थे – जाधव वास्तव में एक एजेंट था, जो खुद की पहचान छिपाने की अपनी क्षमताओं की कमी के कारण रंगे-हाथ पकड़ा गया था। हालांकि, वेबसाइट पर दबाव बढ़ने के बाद, कुछ ही घंटों के भीतर लेख को पेज से हटा दिया गया। वेबसाइट ने सफाई देते हुए कहा है: “कुलभूषण जाधव की कहानी को वापस ले लिया गया है। क्विंट अपने लेख में उल्लेखित कुछ सूचनाओं की फिर से जांच कर रहा है।”
यह लेख क्विंट के पत्रकार और ओपिनियन एडीटर चन्दन नंदी का लिखा हुआ है, यह शख़्स भी स्वयं में विवादित रहा है –
Calling a spade a spade!
Two Ex-RAW Chiefs Did Not Want Kulbhushan Jadhav Recruited As Spy https://t.co/SKEF3Yqb3q— Chandan Nandy (@NandyGram) January 5, 2018
क्विंट द्वारा छापे गए लेख में कुलभूषण को जासूस मानने के अलावा भी बहुत कुछ लिखा गया – कि रॉ के एजेंट के तौर पर जाधव कैसे नियुक्त किया गया था, एजेंसी के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पर गंभीर रूप से ऐतराज किया था। द क्विंट का दावा है कि उससे बात करते हुए, रॉ के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जाधव के पास पाकिस्तान में काम करने के लिए आवश्यक कौशल नहीं था। उन्होंने कहा कि ‘पाकिस्तान’ डेस्क पर काम करने वाले अधिकारियों ने उन्हें यह कार्य करने में मदद की थी।
पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल, अखबार और सरकार क्विंट के इस कारनामे की दिल खोलकर बलैया ले रहे हैं, शाबाशियों का दौर चल रहा है। पूरा पाकिस्तान क्विंट की दिल खोलकर तारीफ़ कर रहा है –
कहीं ऐसा न हो कि पाकिस्तान सरकार क्विंट को निशां-ए-पाक दे दे –
Indian paper ‘The Quint’ had in one of its stories accepted the truth that Kulbhushan Jadhav was a spy and that some RAW officials had reservations about his appointment.
~Foreign Office Spokesperson Dr. Muhammad Faisal pic.twitter.com/EBPqLwGwvP— Govt of Pakistan (@pid_gov) January 6, 2018
पाकिस्तान के मशहूर अखबार The Dawn ने सराहना की है क्विंट की।
According to the article, Jadhav was employed as part of “renewed efforts to use human sources as deep penetration agents in #Pakistan“.https://t.co/UqCN6uWc20 pic.twitter.com/AKtYZW0me4
— Dawn.com (@dawn_com) January 6, 2018
पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल समा टीवी ने भी बलाएँ ली हैं क्विंट की-
India started threatening #KulbhushanJadhav’s parents, reveals Indian paperhttps://t.co/xBnD6kGch2 pic.twitter.com/SDcN6umcXK
— SAMAA TV (@SAMAATV) January 6, 2018
क्विंट दुनिया में अपने काम को लेकर इतना नाम कमा रहा है और हम उसे देशद्रोही कह रहे हैं, कितने नासमझ है हम…..सच में। हम नासमझ हैं या फिर हाथ में ‘पत्रकारिता की आजादी’ ‘अभिव्यक्ति की आजादी’ की मशाल लिए कुछ अति समझदार लोग अपनी सीमाएं भूल चुके हैं। आजादी शब्द का मतलब सिर्फ मनमानी नहीं होता, आजादी के साथ ही आती हैं कई जिम्मेदारियां भी। आजादी और भारत तेरे टुकड़े होंगे टाइप के जमूरों को आजादी और अराजकता के बीच का अंतर समझाना पड़ेगा। इस घटना के बाद शासन क्या कदम उठाता है वह तो वे ही जाने….परन्तु यह घटना हर हिंदुस्तानी को नागवार गुजरी है और हर देशभक्त भारतीय अपने-अपने तरीके से सरकार से शख्त से शख्त कार्यवाही की मांग कर रहा है –
.@TheQuint‘s fabricated story on #KulbhushanJhadav, retracted after having done its damage, is now the toast of Pakistan. It jeopardises India’s #ICJ case & puts Jadhav’s life at risk. Is Lutyens media outraged? Not a whisper #TheEnemyWithin https://t.co/21WqoJhgEy
— Minhaz Merchant (@MinhazMerchant) January 6, 2018
No arrest has been made on Jignesh Mevani n JNU thugs!!
No arrest r charges has been made on #Quint by BJP,as they still behave like Opposition!!
Tbh, Govt not having spine to take action!
Must b waiting for an election to get brownie points!
We r waiting n watching! @BJP4India— OptimuS Sanghi⏺️ (@vineet_4691) January 7, 2018
#Quint..Jadhav RAW Agnt
R Govt Sleeper Cells r Sleeping
No action Agnst Quint? Wat is stopping Govt 2 ban such anti nationals media n pers as it is sending negative msg 2 Young generation..High time Govt 2 wakeup n ACT— Peeyush (@Peeyush75943347) January 6, 2018
Thats the problem with ModiSarkar… Nobody stands up.. and people are discussing whos responsible…. LOL! In absence of anyone responsible.. Maybe we should demand @dreamgirlhema to act on this… #Quint https://t.co/niVmsub2si
— MediaCrooks (@mediacrooks) January 7, 2018
Question is @BJP4India govt has the guts to act against #Quint ? My best sense says, they will not! They are just PAPER TIGERS and more #SICKULAR than congress https://t.co/OojIL2GrrZ
— #VandeMataram# (@PrashCKNambiar) January 7, 2018
Today I can imagine what Bhagat Singh,chandra shekhar azad, Subhash Bose would have felt during those days. India’s enmity is not from outside, it’s from inside. I don’t have any words for #Quint. And what a downfall of Commies in India, from M.N ROY to these #TukdeTukdeGang !!
— PEOPLE OF #INDIA?? (@mohantyindia) January 6, 2018
अब यह देखना खासा दिलचस्प होगा कि क्विंट के मालिक राघव बहल, जो अक्सर सरकार और लोगों से सवाल करते नजर आते हैं, खुद के चैनल के इस राष्ट्रविरोधी कृत्य के बारे में क्या राय रखते हैं….राय छोड़िये खुद का बचाव कैसे करते हैं? और हमारी सरकार की तरफ से इसबार भी सिर्फ कड़ी निंदा ही होगी या फिर कड़ी कार्यवाही……
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