फ़िल्म पद्मावत का देखने या फिर विरोध करने की गरमागरमी अपने चरम पर है, इसी भभ्भड में… एक डॉक्यूमेंट हमारे हाथ लगा है….सूचना के अधिकार का इस्तेमाल कर हासिल हुआ है एक दस्तावेज, जिससे भंसाली की फिल्मों के भव्य सेट्स की चमक-धमक में कुछ चिंदीगीरी दिखायी दे रही है!
जी हाँ, एक ओर जहाँ महंगे, राजशाही और आलीशान सेट्स की भरमार अपनी फिल्मों में करने वाले भंसाली, अपनी फिल्म की नायिका को गहनों से लाद देने वाले संजय लीला भंसाली के प्रोडक्शन हाउस से सम्बंधित सेट्स लगाने वाली कंपनी ने महाराष्ट्र वनविभाग का किराया नहीं चुकाया है.
गौरतलब है कि राजस्थान में फ़िल्म की शूटिंग ना हो पाने के कारण शूटिंग के लिए महाराष्ट्र के कोल्हापुर में सेट सजा, गजब का आलीशान सेट, ॐ कार सेट सर्विसेज, जो कि फिल्मों के लिए सेट्स मुहैया कराते हैं। इसी कंपनी द्वारा सभी प्रकार के प्रशासनिक और शासकीय परमिशन ली गयी और शूटिंग शुरू हुई। परन्तु सबसे ज्यादा हैरान कर देने वाली बात यह कि वन विभाग की जमीन पर लगा यह सेट और इसके लिए शासन को चुकाए जाने वाला किराया!
सूचना के अधिकार से प्राप्त जानकारी में पता चला कि 6 मार्च से 14 मार्च तक शूटिंग हुई, फिर 15 मार्च को सेट जलने की घटना हुई उसके बाद 21 मार्च से 30 मार्च तक शूटिंग की गई। इस तरह शूटिंग कुल 19 दिन हुई….परन्तु किराया सिर्फ 3 दिन का यानी सिर्फ ₹28716 ही चुकाया गया! कुल किराया चुकाया जाना था ₹181868, यानी ₹153152 अभी भी बकाया हैं!
तो हम क्या मानें, भंसाली ने सारी रकम सिर्फ दीपिका के गहनों में और रणवीर के मेकअप में लगा दिए…..या फिर भव्य सेट्स को बनाने में यह रुपया लगाया गया! 200 करोड़ की फिल्म बनाना और फिर उससे 500 करोड़ के बिज़नेस की लालसा रखना ही भंसाली की एकमात्र सोच है या फिर यह किराया चुकाने के बारे में कुछ सोचा है..


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